एलिजाबेथ नहीं, उनका बैग आदेश देता है
एलिजाबेथ नहीं, उनका बैग आदेश देता है

एलिजाबेथ नहीं, उनका बैग आदेश देता है

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स। सत्‍ता और सत्‍ता के शीर्ष पदों पर बैठे लोग आमजन को प्रभावित तो करते ही हैं, लोगों की भी उनमें दिलचस्‍पी भी होती है। खासतौर से यह जानने की उत्‍सुकता होती है कि उनका रहन-सहन कैसा होता है? आम लोगों से कितना अलग होता है? अब ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ को ही लीजिए। वह अपने कर्मचारियों को इशारे से आदेश देती हैं। इसके लिए वह अपने हैंडबैग का इस्‍तेमाल करती हैं। पीपुल मैगजीन के अनुसार, महारानी अपने हैंडबैग से जो इशारे करती हैं, उसे सिर्फ उनके कर्मचारी ही समझते हैं और उसके मुताबिक ही काम करते हैं। जैसे महारानी कब किसी कार्यक्रम से निकलने वाली हैं या किसी से बातचीत खत्‍म करने वाली हैं। जब कोई चेंप हो जाए तो उसे हटाने के लिए भी इशारा अलग होता है। उनका इशारा पाकर शाही कर्मचारी आता है और उस शख्‍स को बड़े शालीन तरीके से यह कहते हुए अलग ले जाता है कि चलिए आपको फलां साहब से मिलवाते हैं, इत्‍यादि इत्‍यादि। खास बात यह कि महारानी हैंडबैग को हमेशा बाएं हाथ में रखती हैं ताकि दाहिने हाथ से वह लोगों का अभिवादन कर सकें।




अजब-गजब इशारे

  • ब्रिटेन के राजकीय इतिहासकार ह्यूगो विकर्स की मानें तो जब रानी अपना हैंडबैग एक हाथ से दूसरे हाथ में लेती हैं इसका मतलब होता है कि सामने वाले से उनकी बातचीत खत्‍म होने वाली है। वह जाने के लिए तैयार हैं।
  • अगर किसी समारोह या कार्यक्रम में हैंडबैग उन्‍होंने टेबल पर रखा तो इसका मतलब है कि महारानी पांच मिनट में निकलना चाहती हैं।
  • अनामिका यानी तीसरी अंगुली की अंगूठी घुमाने का मतलब है कि सामने वाला चेंप हो रहा है, इसे यहां से ले जाओ। तब शाही कर्मचारी आकर उससे महारानी का पीछा छुड़ाते हैं।
  • इसके अलावा बकिंघम पैलेस में जब वह अधिकारियों की बैठक लेती हैं और उस दौरान उन्‍हें कोई बात पसंद नहीं आए तो बातोंबातों में इशारा कर देती हैं कि फलां साहब को बाहर का रास्‍ता दिखाओ। तब शाही कर्मचारी उसे दरवाजे से बाहर कर देते हैं।

महारानी के लिए पेटेंट

एलिजाबेथ को ऐसे हैंडबैग पसंद हैं जिसे खोलने-बंद करने में कोई झंझट नहीं हो। इसलिए वह खास Launer London handbags का इस्‍तेमाल करती हैं, जो सिर्फ उनके लिए ही बनता है। इसे कंधे में लटकाने या जिप खोलने-बंद करनें का कोई झंझट नहीं होता। बैग कहीं रखने पर लुढ़कता नहीं और हैंडल भी सीधा खड़ा रहता है। इस हैंडबैग से उनका प्रेम 1968 से है जब Sam Launer ने उनके लिए इसे भेजा। 90 वर्षीय महारानी के पास ऐसे 200 से अधिक Launer London हैंडबैग हैं।

क्‍या रखती हैं हैंडबैग में  

एलिजाबेथ अपने हैंडबैग में आईना, एक मैचिंग पर्स, ऐनक रखने का डिब्‍बा, जरूरी सामान जैसे मिंट, रुमाल और फाउंटेन पेन भी होता है। इसके अलावा, इसमें एक हुक भी होता है ताकि सहूलियत के लिए इसे कहीं लटकाया भी जा सके। काले रंग का पेटेंट मॉडल उनका पसंदीदा है। हाल के वर्षों से उनके लिए दूसरे गहरे रंगों वाले हैंडबैग भी बनाए जाने लगे हैं।

मरम्‍मत होती है, नए नहीं आते

इस बेहतरीन बड़े हैंडबैग की कीमत हालांकि 1,650 पाउंड यानी 1,35,409 रुपये ही होती है। खास बात यह कि इसकी समय-समय पर मरम्‍मत की जाती है, लेकिन इसकी जगह नए हैंडबैग नहीं खरीदे जाते हैं। काले रंग का पेटेंट Traviata उनका पसंदीदा है, जिसकी कीमत 1,550 पाउंड यानी 1,27,202 रुपये है।

तरह-तरह के हैंडबैग

एलिजाबेथ के पास Adagio के काले और क्रीम रंग वाले पेटेंट हैंडबैग भी हैं, जिनकी कीमत 1,06,686 रुपये है। इसके अलावा, 1,02,582 रुपये वाले The Bellini, 1,35,409 रुपये वाले The Royale, क्रीम रंग वाले 60,728 के The Lulu और काले रंग के काफ लेदर वाले The Encore हैंडबैग भी उनके पास हैं।

(डेली मेल से साभार)

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