इनकी कर्तव्‍यनिष्‍ठा को सलाम कीजिये
इनकी कर्तव्‍यनिष्‍ठा को सलाम कीजिये

इनकी कर्तव्‍यनिष्‍ठा को सलाम कीजिये

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स

नोटबंदी के बाद कितना कालाधन आया या आएगा इसका तो पता नहीं। लेकिन पूरा देश इन दिनों लाइन में खड़ा है। कुछ इसलिए खड़े हैं, क्‍योंकि उनके सामने परेशानी खड़ी है। कुछ देश की खातिर खड़े हैं, क्‍योंकि फौज के जवान बॉर्डर पर खड़े हैं। भक्ति की ठंडी और सुहावनी बयार बह रही है। किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है, क्‍योंकि बात-बात पर हमें बचपन से बंद और हड़ताल देखने की आदत है जी।

दरअसल कतार में खड़े होने का अपना अलग ही आनंद है। लोकतंत्र में कतारतंत्र का विशेष महत्‍व है। जिस भी चीज के लिए जितनी लंबी लाइन, चैनलों और अखबारों के लिए उतनी बड़ी खबर। लोग भी लाइन में खड़े होने के लिए लालायित रहते हैं। पैसे दे दो, लाइन में खड़े हो जाएंगे। बस काम करने के लिए मत कहिए। काम के लिए कहा नहीं कि श्रम कानून और अपने अधिकार… सबकुछ गिना देंगे। ओवरटाइम का नाम तो भूलकर भी न ले कोई।

कतार तो स्‍वतंत्रता का सूचक है। सिस्‍टम को गरियाएंगे, लेकिन लाइन लगा कर। रेलवे टिकट चाहिए, लाइन में खड़े हो जाओ। नए साल पर मुफ्त की डायरी मिल रही है, लाइन लगा दो। कतार का मतलब पूरी निष्‍ठा से सिर्फ एक काम के लिए समर्पण भाव। जैसे सिमकार्ड के लिए, सिनेमा हाॅल में टिकट के लिए, राशन, किरोसिन, स्‍कूल-कॉलेज में दाखिले के लिए, मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए, मेला-बुक फेयर, एयरपोर्ट पर चेक इन और वोट देने के लिए कतार। बस पास बनवाने, बिल जमा करने, एलपीजी कनेक्‍शन, हाउस टैक्‍स, इनकम टैक्‍स, सेल्‍स टैक्‍स, जन्‍म प्रमाण पत्र, मृत्‍यु प्रमाण पत्र… और अगड़म-बगड़म। जहां कतार नहीं लग सकती, भाई लोग वहां भी लगा देते हैं।

कतार में खड़ा होना एक विधा है। जीवट लोग ही कतार में खड़े होते हैं, क्‍योंकि बिना ऐसे किए स्‍ट्रगल वाली फीलिंग नहीं आती। ऐसे जीवट लोगों की कर्तव्‍यनिष्‍ठा काे सलाम कीजिये।

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