तीन तलाक: मुस्लिम संगठनों ने किया
तीन तलाक: मुस्लिम संगठनों ने किया

तीन तलाक: मुस्लिम संगठनों ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्‍वागत

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सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक पर एतिहासिक फैसला देते हुए ट्रिपल तलाक को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का जश्न कोर्ट से बाहर मनाए जाने लगा है। लखनऊ में मुस्लिम महिलाओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए जलेबी खाकर जश्न मनाया।

ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दिए गये फैसले को इस्‍लाम और देश की मुस्लिम महिलाओं की जीत करार देते हुए कहा कि इससे तलाक के नाम पर मुसलमान औरतों के साथ होने वाली नाइंसाफी पर रोक लगने की उम्‍मीद है। ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्‍ता अम्बर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिम समाज के लिये ऐतिहासिक है। यह देश की मुस्लिम महिलाओं की जीत है, लेकिन उससे भी ज्‍यादा अहम यह है, कि यह इस्‍लाम की जीत है। उम्‍मीद है कि आने वाले वक्‍त में तीन तलाक को हमेशा के लिये खत्‍म कर दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार में तीन तलाक पर अगले छह महीने तक के लिए रोक लगा दी है। संसद जब तक इस पर कानून नहीं लाती तब तक ट्रिपल तलाक पर रोक रहेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को संसद में इसे लेकर कानून बनाने के लिए कहा है। तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान 18 मई को शायरा बानो की ओर से बयां किया गया दर्द अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है। शायरा बानो की ओर से दलील दी गई थी कि तीन तलाक ना तो इस्लाम का हिस्सा है और ना ही आस्था का। उन्‍होंने कहा कि मेरी आस्था ये है कि तीन तलाक मेरे और ईश्वर के बीच में पाप है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहता है कि ये बुरा है, पाप है और अवांछनीय है। ये इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है।

तीन तलाक के मुकदमे में प्रमुख पक्षकार रहे ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसी तरह की टिप्‍पणी से इनकार करते हुए कहा कि बोर्ड मिल बैठकर आगे का कदम तय करेगा। ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्‍ता मौलाना यासूब अब्‍बास ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्‍वागत करते हुए कहा कि अब देश में तीन तलाक के नाम पर मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले अन्‍याय को रोका जा सकेगा।

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