पसंद नहीं तो इस्तेमाल न करें WhatsApp : facebook
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व्हाट्सएप मैसेजिंग एप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी पर उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि जिन यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी से कोई भी दिक्कत है वो व्हाट्सएप का इस्तेमाल छोड़ सकते हैं। व्हाट्सएप की ओर से के के वेनुगोपाल ने कहा व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी जिन्हें भी मौलिक अधिकार का हनन लगता है वो ये एप छोड़ सकते हैं। हमने लोगों को पूरी आजादी दी है। यूजर्स व्हाट्सएप और फेसबुक दोनों ही प्लेटफॉर्म छोड़ सकते हैं। फेसबुक ने साल 2014 में व्हाट्सएप को खरीदा था।

ट्सऐप ने पिछले साल आखिर में अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया था। इस पॉलिसी के तहत व्हाट्सऐप यूजर्स के नंबर और डीटेल्स फेसबुक के साथ शेयर होगा। यूजर्स को कुछ दिन की मोहलत दी गई, लेकिन फिर इस प्राइवेसी पॉलिसी को ऐक्सेप्ट करना आवश्यक कर दिया गया। इसके खिलाफ मामला कोर्ट तक गया और जर्मनी कोर्ट ने इसपर रोक लगा दी। फेसबुक और व्हाट्सऐप के डेटा प्रोटेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन दाखिल की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि फेसबुक और व्हाट्सऐप पर यूजर का डेटा सुरक्षित नहीं होता है।

सुप्रीम कोर्ट ने पांच अप्रैल को व्हाट्सएप प्राइवेसी मामले में सुनवाई के लिए पांच जजों की कंस्टीट्यूशनल बेंच बनाने का फैसला किया था। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि फेसबुक और व्हाट्सएप पर डेटा सुरक्षित नहीं है और यह देश के संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है। इस मामले में व्हाट्सएप और फेसबुक को पहले ही नोटिस जारी हो चुका है।

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