बजट 2018: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव
बजट 2018: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव

बजट 2018: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि अर्थव्यवस्था पटरी पर है और भारत जल्द ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से टैक्स देनदारों की संख्या बढ़ी है़। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधरा आ रहा है। यह दुनिया में 7वी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। साथ ही, उन्होंने किसानों की आय को बढ़ाने के लिए नई घोषणा की है। जेटली ने कहा है कि इस बजट में हम राज्यों के साथ मिलकर एजुकेशन क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।
केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में अपने पांचवें बजट में यह घोषणा की। सरकार के इस कदम से नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका लगेगा। मौजूदा समय में ढाई लाख रुपए तक की सालाना आय टैक्स मुक्त है, जबकि ढाई से पांच लाख रुपए की आय पर पांच फीसदी की दर से टैक्स लगता है। इसके अलावा इस वर्ग में 2,500 रुपए की अतिरिक्त छूट भी दी गई है, जिससे तीन लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। वहीं, 10 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना आमदनी पर अभी तक 30 फीसदी के हिसाब से टैक्स लगता रहा है।

खेती की नीति के तहत साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है। बिचौलिए पर लगाम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। अनाज का उत्पादन बढ़कर 217.5 टन हो गया है और किसान, गरीबों की आय बढ़ी है। फलों का उत्पादन 30 टन हुआ है। खरीफ का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना हुआ है। किसानों को पूरा एमएसपी देने की कोशिश है। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे। किसान पशुपालक कार्ड किसानों को भी मिलेगा। 1290 करोड़ रुपये की मदद से बांस मिशन चलाया जाएगा। आलू, टमाटर प्याज के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बांस को वन क्षेत्र से अलग किया। 2 नए फंड पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।खेती के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के  तहत 1 परिवार को सालाना 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। 10 करोड़ गरीब परिवारों को  इसका फायदा होगा और मेडिकल खर्च मिलेगा। हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। 50 करोड़ लोगों को हेल्थ बीमा मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को हेल्थ बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे। टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये की मदद दी जाएगी। 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे।

नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी योगदान देगी।डिजिटल माध्यम से शिक्षकों को नई ट्रेनिंग दी जाएगी। हर जिले में स्किल केंद्र खोले जाएंगे। 3 संसदीय क्षेत्रों में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। रेल पर 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटरी, गेज बदलने जैसे काम पर खर्च किए जाएंगे। पूरा रेल नेटवर्क ब्रॉड गेज बनाया जाएगा। सुरक्षा वॉर्निग सिस्टम पर जोर होगा। 600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। मुंबई में लोकल रेल नेटवर्क के लिए खास योजना के तहत मुंबई लोकल का दायरा बढ़ाया जाएगा। मुंबई में 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। माल ढुलाई के लिए 12 वैगन बनाएंगे। स्टेशनों पर वाई-फाई, सीसीटीवी, एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

 

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