सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की उनके
सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की उनके

सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की उनके घर पर गोली मारकर हत्या

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कर्नाटक के बंगलुरु में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। राजराजेश्वरी इलाके में उन पर करीब से 7 गोलियां चलाई गईं। गौरी लंकेश की हत्या के बाद पत्रकार जगत और सिविल सोसायटी में शोक फैल गया है।

बेंगलुरु में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की चौतरफा कड़ी निंदा हो रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राहुल ने ट्वीट कर कहा: सच्चाई को कभी खामोश नहीं जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं। मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ हैं. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। इस जघन्य अपराध की निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. ये लोकतंत्र की हत्या है। उनके निधन से कर्नाटक ने एक मजबूत प्रगतिशील आवाज खो दी है और मैंने एक दोस्त खो दिया है।

बेंगलुरू के डीसीपी वेस्ट एमएन अनुचेत ने कहा, “गौरी लंकेश के घर पर शाम के वक्त शूट आउट हुआ, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी बॉडी घर पर मिली है।” बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर टी. सुनील कुमार ने कहा कि गौरी ने कोई शिकायत नहीं की थी। अगर उन्होंने कहीं कोई खतरे का जिक्र किया होगा तो जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि लोगों ने उनके घर के सामने गोली की आवाज सुनी और उन्हें घर में जाने से पहले जमीन पर गिरते देखा। हमलावर कितने थे अभी यह पता नहीं चल सका है। सुनील कुमार ने कहा कि जब हम मौके पर पहुंचे तो गौरी खून से लथपथ पड़ी थीं। वहां गोली के चार खाली शेल पड़े मिले।

इससे पहले डॉ. एमएम कलबुर्गी, डॉ. गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर की भी कुछ इसी अंदाज में गोली मारकर हत्या की गई थी। डॉ. कलबुर्गी को उनके घर के दरवाजे पर मारा गया था। बताया जाता है कि 12th सेंचुरी के संत बास्वेश्वर और रैशनलिज्म पर गौरी के विचार काफी हद तक कलबुर्गी से मिलते थे।
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