कोई इन्हें कैसे समझाए मार्कशीट के
कोई इन्हें कैसे समझाए मार्कशीट के

कोई इन्हें कैसे समझाए मार्कशीट के नंबर से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी जिंदगी है

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मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित 10वीं व 12वीं के नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए गए। छोटे शहरों के विद्यार्थियों ने इसमें कमाल किया लेकिन, इन्हीं छोटे शहरों से दुखी करने वाली खबरें भी आ रही हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद अलग-अलग शहरों में कुल 9 बच्चों के खुदकुशी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुछ बच्चों ने महज इसलिए खुदकुशी कर ली क्योंकि उन्हें 90% मार्क्स मिलने की उम्मीद थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सतना जिले के खमहरिया पैसिहान गांव की रहने वाली रश्मि (18) ने 12वीं और उसके भाई दीपेंद्र (15) ने 10वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट आने के कुछ देर बाद ही भाई-बहन ने खुदकुशी कर ली. दोनों फेल हो गए थे। भोपाल के रहने वाले नमन ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। 12वीं के छात्र नमन के 74% मार्क्स आए थे, जबकि उसे 90% मार्क्स आने की उम्मीद थी।

यह घटनाएं भिँड, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, गुना, भोपाल, सतना, इंदौर और टीकमगढ़ की हैं। इसके साथ ही कुछ अन्य स्थानों पर बच्चों के अवसाद की बातें कहीं जा रही हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेधावी छात्रों को प्रशस्ति और पदक देकर सम्मानित किया था. टॉपर्स पर फूल भी बरसाए थे।

 

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