पांच घंटे के हंगामे के बाद पलानीसामी
पांच घंटे के हंगामे के बाद पलानीसामी

पांच घंटे के हंगामे के बाद पलानीसामी मुख्‍यमंत्री चुने गए

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स, नई दिल्‍ली। तमिलनाडु विधानसभा में शनिवार को विश्‍वासमत के दौरान जमकर हंगामा हुआ। हालांकि हंगामे के बीच ई.के पलानीसामी ने विश्‍वासमत हासिल कर लिया। उनके पक्ष में अन्‍नाद्रमुक के 122 विधायकों ने वोट दिया, जबकि 11 ने विरोध में वोट किया। द्रमुक विधायक गुप्‍त मतदान की मांग कर रहे थे।

द्रमुक के विधायकों ने सदन में माई, मेज-कुर्सियां तोड़ी और पेपर तो फाड़े ही, स्पीकर पी. धनपाल के साथ बदसलूकी भी की। हालात यहां तक पहुंच गया कि सदन में पुलिस को बुलाना पड़ा। मार्शल और पुलिस ने स्‍पीकर को सुरक्षित सदन से बाहर निकाला। स्‍पीकर के सदन से जाने के बाद द्रमुक का एक विधायक स्‍पीकर की कुर्सी पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगा। इस हंगामे के कारण सत्र को एक बजे तक के लिए स्‍थगित करना पड़ा। 

कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो द्रमुक विधायकों ने फिर हंगामा किया। तब द्रमुक विधायकों को सदन के बाहर कर दिया गया। इसके बावजूद विधायक शांति नहीं हुए तो सदन तीन बजे तक स्‍थगित कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष एम. के स्‍टालिन ने मीडिया को अपनी फटी कमीज दिखाकर स्‍पीकर पर मनमानी करने का आरोप लगाया। बहरहाल, पांच घंटे चले ड्रामे के बीच पलानीसामी ने विश्‍वासमत जीत लिया। उन्‍हें 117 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन 122 ने उनके पक्ष में मतदान किया।

पलानीसामी की जीत के बाद स्‍टालिन मरीना बीच पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। पुलिस ने जब उन्‍हें गिरफ्तार किया तो उनके समर्थकों ने रास्‍ता जाम कर दिया और स्‍टालिन को ले जाने से रोका। काफी मशक्‍कत के बाद पुलिस स्‍टालिन के साथ पार्टी के कुछ वरिष्‍ठ नेताओं और करीब 200 समर्थकों को हिरासत में लेकर गई। हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि उन्‍हें किस आरोप में हिरासत में लिया गया।

उधर, सदन से द्रमुक नेताओं को निकाले जाने के बाद राज्‍य के कई दलाकों में हिंसा भड़क गई। द्रमुक कार्यकर्ताओं ने चेन्‍नई-बेंगलुरु राष्‍ट्रीय राजमार्ग सहित कई जगहों पर रास्‍ते बंद कर दिए। स्‍पीकर धनपाल के पुतले भी जलाए गए।

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