आपकी परेशानी की वजह बाथरूम और टायलेट
आपकी परेशानी की वजह बाथरूम और टायलेट

आपकी परेशानी की वजह बाथरूम और टायलेट तो नहीं!

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स। घर बनाते समय अगर वास्‍तु का ध्‍यान रख रहे हैं तो बाथरूम और टायलेट को नजरअंदाज न करें। ये दोनों चीजें बेहद महत्‍वपूर्ण होती हैं। इसे जहां-तहां तो कतई न बनवाएं, क्‍योंकि ऐसा करने से आपको लेने के देने पड़ सकते हैं। वास्‍तु परामर्श पर इसे सही दिशा में बनवाएं ताकि आगे चलकर आपको और आपके परिवार को स्‍वास्‍थ्‍य और वित्‍त संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। बाथरूम और टायलेट नकारात्‍मक ऊर्जा के बहुत बड़े स्रोत होते हैं। अगर यह वास्‍तु के हिसाब से नहीं हुआ तो आपकी अधिकांश प‍रेशानियों की जड़ यही होंगे। वैसे तो वास्‍तु शास्‍त्र के हिसाब से बाथरूम और टायलेट अलग-अलग होना चाहिए। लेकिन जगह की कमी के कारण आजकल बहुतायत घरों में ये एक साथ ही होते हैं।

बाथरूम-टायलेट बनाते समय सही दिशा का चुनाव करें। इसके लिए अगर श्रेष्‍ठ दिशा उपलब्‍ध नहीं है तो दूसरी उपयुक्‍त दिशा में ही इसे बनाएं। इसके अलावा बिजली के उपकरण, स्विच बोर्ड, कमोड, नल और आईना आदि की फिटिंग भी वास्‍तु के मुताबिक ही होनी चाहिए। इसके अलावा, सेप्टिक टैंक और नाले का पानी निकालने के लिए पाइप की फिटिंग भी सही दिशा में होना उतनाजरूरी है।

बाथरूम: वास्‍तु के मुताबिक, बाथरूम को घर के उत्‍तर या उत्‍तर-पश्चिम हिस्‍से में बनाना चाहिए। दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में तो इसे कतई नहीं बनाना चाहिए। दक्षिण की तरफ बाथरूम बनाने से घर की महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। बाथरूम में टाइल्‍स सफेद, आसमानी नीला और हल्‍का नीला लगाएं। काला या लाल जैसे गहरे रंगों वाले टाइल्‍स का प्रयोग न करें। अगर बाथरूम में ही चेंज रूम बनाना है तो इसे दक्षिण या पश्चिम दिशा में बनाना ठीक रहेगा।

commodeटायलेट: वास्‍तु शास्‍त्र के लिहाज से टायलेट के लिए पश्चिम या उत्‍तर-पश्चिम दिशा ठीक होती है। इसे दक्षिण की तरफ भी बनाया जा सकता है, लेकिन घर के बीचोंबीच, पूर्व तथा उत्‍तर-पूर्व दिशा इसके लिए ठीक नहीं होती। इसी तरह टायलेट शीट या कमोड इस तरह बनाना चाहिए कि बैठने पर व्‍यक्ति का मुंह उत्‍तर या दक्षिण की तरफ रहे। बैठने पर मुंह पूर्व या पश्चिम की तरफ नहीं हो। टायलेट को रसोई, पूजा घर और सीढि़यों के नीचे कतई न बनवाएं। इसमें जाने के लिए दरवाजे पूर्व या उत्‍तरी दीवार में बनाएं। पानी रखने, नल आदि के लिए पूर्व, उत्‍तर या उत्‍तर-पूर्व दिशा ठीक रहेगा। खिड़की या वेंटिलेटर पूर्व, पश्चिम या उत्‍तरी दीवार पर ही बनाएं।

बाथरूम और टायलेट साथ ही रखना चाहते हैं तो कमोड के लिए पश्चिम या उत्‍तर-पश्चिम दिशा ठीक रहेगी। लेकिन इसे जमीन से एक-दो फीट ऊपर ही बनाएं।

showerकहां क्‍या लगाएं : गीजर एवं बिजली के अन्‍य उपकरण जैसे हीटर, स्विच बोर्ड बाथरूम के दक्षिण-पूर्व कोने में ही लगाना चाहिए तथा नल और शॉवर उत्‍तर दिशा में लगाना अच्‍छा रहता है। बाथटब पूर्व, पश्चिम या उत्‍तर-पूर्व दिशा में लगाना अच्‍छा रहता है। वॉश बेसिन और शॉवर उत्‍तर-पूर्व और पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं। लेकिन आईना उत्‍तरी या पूर्वी दीवार पर ही अच्‍छा रहेगा। कमोड टायलेट के पश्चिम, दक्षिण दिशा या या पश्चिम दिशा के उत्‍तर-पश्चिम हिस्‍से में बनाएं। बेहतर होगा इसे बाहरी दीवार या खिड़की के पास ही बनाएं। वाशिंग मशीन रखने के लिए दक्षिण-पूर्व और उत्‍तर-पश्चिम दिशा उपयुक्‍त होती है! कमोड पूजा घर के ठीक ऊपर या नीचे, रसोई या बेडरूम के बिल्‍कुल ऊपर नहीं होना चाहिए।

सेप्टिक टैंक: बाथरूम के फर्श की ढाल उत्‍तर या पूर्व की ओर रखें, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण पश्चिम में नहीं। सेप्टिक टैंक को घर के उत्‍तर-पश्चिम में बनाएं। इसे टायलेट के दक्षिण, उत्‍तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, उत्‍तर या पूर्व दिशा में बिल्‍कुल नहीं बनाएं। साथ ही, इस बात का ध्‍यान रखें कि यह घर की सतह से ऊंचा हो।

दरवाजा-खिड़की: बाथरूम का दरवाजा उत्‍तर या पूर्व दिशा में रखें, लेकिन दक्षिण-पश्चिम दिशा से परहेज करें। बाथरूम में एक छोटी खिड़की या वेंटिलेटर जरूर हो जो पूर्व या उत्‍तर दिशा में हो। खिड़की दक्षिण दिशा में हुई तो यह सेहत पर बुरा असर डालेगी। अगर बाथरूम में खिड़की नहीं है तो एक्‍जॉस्‍ट फैन लगा सकते हैं। बाथरूम में शॉवर और नल उत्‍तरी दीवार से लगा हो।

इन बातों का भी ध्‍यान रखें

    • ओवरहेड पानी की टंकी दक्षिण-पश्चिम दिशा लगी हो।
    • नहाना पश्चिम की तरफ चाहिए।
    • बाथरूम की दीवारों के लिए चमकीले और चित्‍त प्रसन्‍न करने वाले रंगों का इस्‍तेमाल करें।
    • गंदे लिनन को बाथरूम के पश्चिम की तरफ रखना चाहिए, क्‍योंकि सूर्यास्‍त के समय सूर्य की किरणें बहुत नुकसानदेह होती हैं और बैक्‍टीरिया को मार देती हैं।
    • अगर बाथरूम में आलमीरा लगाना चाहते हैं तो इसके लिए हमेशा गुसलखाने का दक्षिण-पश्चिम हिस्‍सा ही चुनें।
    • बाथरूम फ्लोर की ढलान उत्‍तर या पूर्व की तरफ हो ताकि पानी निकालने के लिए पाइप की फिटिंग बाथरूम के उत्‍तर-पूर्व की ओर की जा सके।
    • उत्‍तरी कमरे के पश्चिम या उत्‍तर-पश्चिम में बना टायलेट इस बात पर निर्भर करता है कि यह बेडरूम से लगा हुआ है या अलग है।
    • टायलेट सतह से एक-दो फीट ऊंचा होना चाहिए।
    • अटैल टायलेट दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम कोने में नहीं होना चाहिए।
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