पेड़-पौधों से अपनी किस्‍मत और सेहत
पेड़-पौधों से अपनी किस्‍मत और सेहत

पेड़-पौधों से अपनी किस्‍मत और सेहत संवारें

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पेड़-पौधे वातावरण और घर के आसपास के माहौल को खुशनुमा और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। इनसे मिलने वाले फायदों से तो हर कोई वाकिफ है। लेकिन ये पेड़-पौधे हमारे लिए समृद्धि और भाग्‍य के द्वार भी खोलते हैं, जिनके बारे में कम लोग ही जानते हैं। कुछ पेड़-पौधे वातारवरण और इनसानों के लिए हानिकारक भी होते हैं। ये नकारात्‍मक ऊर्जा और नुकसानदेह गैस छोड़ते हैं वातावरण प्रदूषित होता है और स्‍वास्‍थ्‍य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसे पेड़-पौधों को घर या इसके आसपास नहीं लगाना चाहिए। वास्‍तु के मुताबिक कुछ पौधे घर के लिए मंगलकारी माने जाते हैं। वास्‍तु विशेषज्ञों की सलाह पर इन्‍हें उचित दिशा में ही लगाना चाहिए ताकि इसका अधिकतम फायदा मिल सके।

ये पेड़-पौधे शुभ

नारियल, नीम, पान या ताम्‍बूल, अनार, आंवला, कत्‍था, चंदन, आम, नींबू, बेल, बादाम, कटहल, केला। दालचीनी (cinnamon), अशोक, गुलाब, चमेली, केसर और चम्‍पा शुभकारी माने जाते हैं।

पीपल और बरगद- ये पेड़ पवित्र माने गए हैं। ये बड़े पैमाने पर ऑक्‍सीजन छोड़ते हैं और इनके नीचे ध्‍यान भी अच्‍छी तरह लगता है। लेकिन इन्‍हें घर से दूर ही लगाना चाहिए, क्‍योंकि इनकी जड़ें दूर-दूर तक फैलती हैं जिससे घर को नुकसान पहुंच सकता है।

किसे कहां लगाना अच्‍छा

तुलसी के पौधे को उत्‍तर, उत्‍तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए।

बड़े पेड़ घर के दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम हिस्‍से में थोड़ी दूरी पर लगाएं ताकि इसकी छाया सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक घर पर नहीं पड़े।

छोटे और झाड़ीदार पौधे पूर्व या उत्‍तर में लगाएं। उत्‍तर-पूर्व कोने में किसी तरह के पेड़ न लगाएं।

पेड़ घर के बीचोंबीच या बिल्‍कुल सामने नहीं हो।

गुलाब को छोड़कर कैकटस सहित कोई भी कांटेदार पौधा घर में न लगाएं।

लताएं घर के बाहर या प्रवेश द्वार पर लगाएं, लेकिन ये चारदीवारी से ऊंची न हो।

जिन पौधों से दूध निकलते हैं उन्‍हें घर में नहीं लगाना चाहिए, क्‍योंकि ये घर के लिए अशुभ माने जाते हैं और इसमें रहने वाले लोगों के सेहत को प्रभावित करते हैं।

कीड़े-मकोड़े और मधुमक्‍खी के छत्‍ते वाले पेड़ अशुभ होते हैं। इसी तरह इन पर सांप और उल्‍लू की मौजूगी भी अशुभ माना जाता है। ऐसे पेड़ को कटवा दें।

छोटे पेड़ों को पूर्व या उत्‍तर में लगाना अच्‍छा होता है।

फूल के गमले उत्‍तर, पूर्व या उत्‍तर-पूर्व दीवार की बजाय जमीन पर रखें। इनकी लंबाई तीन फीट से अधिक न हो।

लॉन पूर्व या उत्‍तर में हो। इसमें अगर झरना लगाना हो तो यह तीन से चार फीट ऊंचा हो। इसे उत्‍तर-पूर्व कोना छोड़कर पूर्व या उत्‍तर में बनाएं।

लॉन में स्‍वीमिंग पूल की दिशा उत्‍तर या उत्‍तर-पूर्व में ही रखें।

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