वास्‍तु के हिसाब से ही पूजा घर बनाएं
वास्‍तु के हिसाब से ही पूजा घर बनाएं

वास्‍तु के हिसाब से ही पूजा घर बनाएं

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स

घर बनाते समय रसोई की तरह मंदिर के बारे में भी सोचना चाहिए। मौजूदा फ्लैट कल्‍चर में हालांकि पूजा घर के लिए अलग से जगह नहीं होती, फिर भी रेडीमेड मंदिर तो रखा जा ही सकता है। मंदिर में पूजा-पाठ, मंत्रोच्‍चारण और यज्ञ-हवन के कारण भरपूर सकारात्‍मक ऊर्जा होती है। इससे वातावरण ऊर्जावान तो रहता ही है, साथ ही तन, मन और आत्‍मा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। इससे हमारे काम करने की क्षमता बढ़ती है, विकास के साथ शांति और सम्‍पन्‍नता भी आती है। इसलिए पूजा घर बनाते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। यदि यह गलत दिशा में हुआ तो कितना भी पूजा और ध्‍यान करें, कुछ नहीं होगा। इसलिए पूजा घर कहां हो, इसके प्रवेश द्वार और खिड़कियों की दिशा क्‍या हो, प्रतिमा के रखरखाव और इसकी दिशा आदि पर ध्‍यान देना जरूरी होता है।

इन बातों का ध्‍यान रखें

  1. पूजा घर ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व कोने में बनाना सबसे अच्‍छा होता है। उत्तर और पूर्व में भी बना सकते हैं ता‍कि पूजा करते समय व्‍यक्ति का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में हो।
  2. प्रतिमा को इस तरह स्‍थापित करना चाहिए कि पूजा के दौरान उनके चरण साधक की छाती के बराबर आए। चाहे वह बैठकर या खड़े होकर पूजा कर रहा हो।
  3. दीवारों का रंग सफेद, नींबू के रंग या हल्‍का नीला और इसमें प्रयुक्‍त मार्बल सफेद रंग का होना चाहिए।
  4. पूजा घर में दरवाजा अवश्‍य हो और खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा में हो।
  5. सिर्फ तांबे के बर्तन का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए। खासकर जल पात्र तो तांबे का ही हो।
  6. अग्निकुण्‍ड पूजा घर के दक्षिण-पूर्व में रखें। यज्ञ या हवन पूर्व की ओर मुंह करके करना चाहिए।
  7. किसी भी काम के लिए पूजा घर में जाने से पहले हाथ-पैर धोना चाहिए। इसका खास ख्‍याल रखें कि पैरों को एक-दूसरे से रगड़ कर नहीं धोएं, बल्कि दाएं हाथ से पानी डालें और बाएं हाथ से पैर को धोएं। सबसे पहले पैर का पिछला हिस्‍सा जरूर धोएं।
  8. घर के लिए लकड़ी का मंदिर अ‍ादर्श होता है। लेकिन इसके ऊपर गुंबद जरूर होना चाहिए। हालांकि मार्बल से बने मंदिर भी ठीक होते हैं।
  9. वैसे तो पूजा घर में किसी तरह की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए। फिर भी यदि कोई चाहता है तो प्रतिमा 9 इंच से बड़ी और दो इंच से छोटी न हो।
  10. यदि पूजा घर है तो उसमें लैम्‍प स्‍टैंड दक्षिण-पूर्व कोने में रखें। मंदिर में दीया दक्षिण-पूर्व में ही रखें।

ये काम न करें

  1. रेडीमेड मंदिर है तो उसके ऊपर या जहां स्‍लैब पर उसे रखा है, वहां और कुछ भी नहीं होना चाहिए।
  2. बेडरूम या बाथरूम से लगती हुई दीवार पर पूजा घर कतई नहीं बनाना चाहिए।
  3. पूजा घर में त्रिकोण आकार वाली कोई भी प्रतिमा या तस्‍वीर नहीं रखें।
  4. पूजा के दौरान या मंदिर में बैठते समय चटाई या कारपेट का प्रयोग करें। खाली जमीन पर नहीं बैठें।
  5. मंदिर को सीधे जमीन पर न रखें, क्‍योंकि इससे देवताओं का अपमान होता है।
  6. मंदिर में किसी पूर्वज की तस्‍वीर नहीं रखें, क्‍योंकि इससे देवताओं का अपमान होता है।
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1 Comment

  1. अच्छी जानकारी है…कुछ बातें तो ऐसी हैं जो बिलकुल नई हैं

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