एपीजे कलाम रोड पर जिन्‍ना की यादें
एपीजे कलाम रोड पर जिन्‍ना की यादें

एपीजे कलाम रोड पर जिन्‍ना की यादें बसती हैं

0

नुक्‍कड़ टाइम्‍स

देश में 2011 में वर्ल्ड कप क्रिकेट का आयोजन हो रहा था। उस समय नीदरलैंड की टीम के स्वागत में नीदरलैंड के भारत स्थित राजदूत एक पार्टी दी थी। खेल पत्रकार होने के नाते मुझे भी न्‍योता मिला। मैं 10, औरंगजेब रोड (अब 10, एपीजे कलाम रोड) पर जब पहुंचा तो अंदर शानदार लंबे चौड़़े लाॅन के बीच एक सफेद रंग का बंगला दिखा। यह बंगला किसी जमाने में मोहम्मद अली जिन्ना का घर था।

जिन्ना ने यह शानदार कोठी 1939 के आखिर में खरीदी थी। इसे खरीदने के बाद उनका दिल्ली आना जाना काफी बढ़ गया था। वैसे मुंबई में भी उनका एक शानदार घर था। कहा जाता है कि जिन्‍ना दिल्‍ली में कोठी लेना नहीं चाहते थे। लिहाजा जब वह दिल्‍ली आते तो इंपीरियल होटल या होटल मैडन में ठहरा करते थे। लेकिन मुस्लिम लीग के उनके दोस्‍त और लियाकत अली चाहते थे कि देश की बदलती राजनीति के मद्देनजर जिन्ना को ज्यादा समय दिल्ली में रहना चाहिए। इसके लिए एक घर भी खरीदना चाहिए। तब जाकर जिन्‍ना ने डेढ लाख रुपये में इसे खरीदा।

वर्ष 1940 से 1947 के बीच जिन्ना का आधा समय दिल्ली में ही बीता। करीबी दोस्‍तों और मुस्लिम लीग की बैठकें इसी बंगले में हुआ करती थीं। यहां के ड्राइंगरूम में अब भी जिन्ना की तमाम तस्वीरें लगी हैं। जिन्ना गुजरात के इस्लामिया खोजा मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता बड़े व्यापारी थे। जिनका व्यापार कराची तक फैला था। वह उस जमाने में वह काफी संपन्न व्यापारी माने जाते थे। तमाम अंग्रेज उनके मित्र हुआ करते थे।

अगस्त 1947 में हमेशा के लिए कराची जाने से पहले कुछ माह जिन्‍ना इसी बंगले में रहे। उन्‍होंने आखिरी प्रेस कांफ्रेंस इसी बंगले में की थी। इसके बाद के कुछ बरसों तक घर में खूब सियासी गहमागहमी रही। जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी सरीखी बड़ी हस्तियां यहां आती-जाती रहीं।

कराची जाते समय जिन्ना ने दो लाख रुपये में यह घर उद्योगपति रामकृष्ण डालमिया को बेच दिया। डालमिया ने इसे गोरक्षा संबंधी अपने अभियान का मुख्यालय बनाया। आजादी के बाद जब डालमिया के ताल्‍लुकात तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से बिगड़ने लगे तो उन्होंने इस बंगले को अपनी पत्‍नी (शायद पांचवीं) दिनेश नंदिनी डालमिया के नाम कर दिया। कुछ साल बाद 1951 में उन्होंने पांच लाख रुपये में इसे नीदरलैंड को बेच दिया। मतलब इस घर से डालमिया परिवार ने महज चार साल में उस जमाने में करीब तीन लाख रुपये कमाए। इस बंगले की मौजूदा कीमत करीब 800 करोड़ रुपये बताई जाती है। यहां अब नीदरलैंड के राजदूत का निवास है।

(साभार: mediadiery.blogspot.in)

Share.

Leave A Reply

Powered by virtualconcept.in