ये कैसा डियोडरंट है भाई...गंध तो HIT जैसी
ये कैसा डियोडरंट है भाई...गंध तो HIT जैसी

ये कैसा डियोडरंट है भाई…गंध तो HIT जैसी है

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स

पानीपत की बात है। मेरे साथ दफ्तर के दो और सहकर्मी रहते थे। मैं AXE MUSK  डियोडरंट इस्‍तेमाल करता था। एक दिन की बात है। मैं रोज की तरह नहाने के बाद खाना खाया और दफ्तर के लिए तैयार होने लगा। कपड़े पहनने के बाद मैंने डियोडरंट लगाया, लेकिन यह तेल जैसा लगा। मैंने सोचा कि ऐसा ही होता होगा। कभी ध्‍यान नहीं दिया इसलिए बेवजह शक हाे रहा है। तैयार होकर दफ्तर के लिए निकल गया।

दफ्तर जाकर अपनी सीट पर बैठा तो फिनिट जैसी गंध आने लगी। मैंने सोचा कि मच्‍छर मारने के लिए सफाईकर्मियों ने छिड़काव किया होगा। लेकिन गंध तेज थी। इसलिए उठकर एक सहयोगी के पास जाकर बैठ गया। वहां गंध नहीं आ रही थी। लेकिन थोड़ी देर बाद वहां भी गंध आने लगी। मैंने कहा कि इस गंध में बैठना मुश्किल हो रहा है तो वे बोले कि अभी तो नहीं आ रही थी। फिर कहा कि हो सकता है मुझे जुकाम जैसा है इसलिए पता नहीं चल रहा।

खैर, मैं उठकर अपनी सीट पर आ गया और नाक-भौंह सिकोड़ते हुए भुनभुनाता रहा। तब तक डेस्‍क के और सहयोगी आ गए। एक ने कहा- भाई साहब, परेशान से दिख रहे हैं। मैंने कहा- ये गंध परेशान कर रही है। उसने भी इधर-उधर नाक घुसेड़कर सूंघने की कोशिश की, लेकिन कहा कि इधर तो पता नहीं चल रहा। सीधे बैठने पर पता चल रहा है। इस तरह हमलोग काम में व्‍यस्‍त हो गए।

दूसरे दिन रोज की तरह तैयार होने के बाद मैंने अपना प्रिय डियोडरंट लगाया और दफ्तर पहुंच गया। बैठते ही फिर वही गंध। मैंने ऑफिस सहायक को बुलाकर डांटा कि ये कौन रोज फिनिट मार कर चला जाता है। बुलाओ उसे। वह पूछताछ करके थोड़ी देर बाद आया। कहा कि सर छिड़काव तो हुई ही नहीं। अब आसपास जो लोग थे बोले कि गंध आ रही है। इतने में एक सहयोगी ने नाक लगा कर मुझे सूंघा।

इसके बाद उसने पूछा- गंध आप में से ही आ रही है। क्‍या लगा कर आए हैं? मैंने कहा- डियोडरंट। छूटते ही वह बोला- सूंघ कर देखिये…ये कॉकरोच मारने वाला HIT है। मैं भौंचक्‍का रह गया। लगाया तो डियोडरंट था…HIT कैसे हो गया! इसके बाद तो मैं भाग कर घर गया। साबुन लगाकर फिर से नहाया। इसके बाद मैंने उस जालिम डियोडरंट को देखा तो पता चला कि वह वाकई HIT ही था। लेकिन डियोडरंट कहां गया? ढूंढ़ने पर वह किचन में नीचे रखा दिखाई दिया। दरअसल किसी ने डियोडरंट को नीचे रख दिया था और मैं बिना देखे मजे से HIT को ही डियो समझ कर फिश …फिश करके लगाता रहा।

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2 Comments

  1. हा हा हा….बहुत अच्छी घटना है…जिंदगी भर नहीं भूल सकते….

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