मेरा लैपटॉप मिल गया...धन्‍यवाद! कोंकण
मेरा लैपटॉप मिल गया...धन्‍यवाद! कोंकण

मेरा लैपटॉप मिल गया…धन्‍यवाद! कोंकण रेलवे

0

नुक्‍कड़ टाइम्‍स। मैं मणिपाल विश्‍वविद्यायल, मणिपाल की छात्रा हूं। मैं इस साल 10 जनवरी को राजधानी एक्‍सप्रेस में यात्रा कर रही थी। मुझे एर्नाकुलम से उडुपी जाना था। उडुपी पहुंचने के आधे घंटे बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरा बैग ट्रेन में ही छूट गया। उसमें मेरा लैपटॉप था।

मैं भागकर उडुपी रेलवे स्‍टेशन पहुंची और स्‍टेशन मास्‍टर को इसकी सूचना दी। उन्‍होंने तत्‍काल आरपीएफ कांस्‍टेबल को बैग का पता लगाने को कहा। इस दौरान मैं बहुत तनाव में थी। मुझे अपने सामान की चिंता थी। लेकिन दोनों बड़े शांत थे और मुझे सांत्‍वना दे रहे थे। वे मुझे लगातार आश्‍वासन दे रहे थे कि मेरा बैग वापस लाने में वे अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।

अधिकारियों ने करवार स्‍टेशन पर अपने सहयोगियों और दूसरे अधिकारियों से संपर्क किया। ट्रेन का अगला स्‍टॉप करवार था। उनके अथक और दृढ़ प्रयासों के बाद आखिरकार मेरे बैग का पता चल गया। मडगांव में मेरा बैग बरामद हुआ और आखिरकार मुझे बैग मिल गया। इसमें रेलवे के कई अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। समय पर उनके कारगर प्रयासों के कारण ही यह संभव हो सका। इसके लिए मैं सभी अधिकारियों का हृदय से आभारी हूं। साथ ही, कोंकण रेलवे की पूरी टीम को भी शुक्रिया जिसने ग्राहक सहायता एवं सेवा की मिसाल पेश की। इसके लिए मैं रेलवे का भी हृदय से आभारी हूं। कोंकण रेलवे का ग्राहक होने पर मुझे खुशी और गर्व महूसस हो रहा है।

(मीनाक्षी श्रीनिवासन ने बैग वापस मिलने पर कोंकण रेलवे के महाप्रबंधक (प्रशासन) को यह पत्र लिखा है। )

Share.

Leave A Reply

Powered by virtualconcept.in