टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए देना
टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए देना

टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए देना होगा आधार नंबर

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नकद लेनदेन की सीमा तय होने से भी पड़ेगा आपकी जिंदगी पर असर:

सरकार वित्त विधेयक में 50 संशोधन कर रही है, जिनमें दो का आपकी जिंदगी पर काफी असर पड़ने वाला है। इनमें से एक में कैश लेन-देन की सीमा को 2 लाख रुपये करने और दूसरे में आधार को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने और परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) के लिए अनिवार्य बनाने की बात कही गई है। हालांकि, 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया था, उसमें 3 लाख रुपये या उससे अधिक के कैश लेन-देन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया था।

aadhaarसंशोधन में कहा गया है कि 1 जुलाई के बाद टैक्स देने वाले हर शख्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त और पैन का आवेदन करते वक्त आधार नंबर बताना होगा। जिन लोगों के पास पहले से पैन है, उन्हें एक तय तारीख तक आधार की जानकारी देनी होगी. सरकार ने अभी इसकी तारीख नहीं बताई है। वह बाद इसकी घोषणा करेगी। अगर किसी के पास पैन है और वह आधार की जानकारी नहीं देता तो उसका परमानेंट एकाउंट नंबर कैंसल कर दिया जाएगा.

आधार से लिंक करने पर मल्टीपल पैन कार्ड की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। इससे टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी। वैसे तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पिछले कुछ साल से पैन को आधार के साथ लिंक करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे इसमें अभी तक बहुत सफलता नहीं मिली है। संशोधन में कहा गया है कि जिन टैक्सपेयर्स के पास आधार नंबर नहीं है, उन्हें आधार एनरॉलमेंट नंबर कोट करना होगा।

2 लाख की कैश लिमिट का असर

इससे बड़ी रकम के सभी सौदों पर सरकार के लिए नजर रखना आसान हो जाएगा। सरकार के इस कदम का रियल एस्टेट, ज्वैलरी और लग्जरी सामानों की खरीदारी पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर कोई इस नियम को तोड़ता है तो उसे खर्च की गई रकम के बराबर पेनाल्टी देनी होगी। कहने का मतलब यह है कि अगर कोई 4 लाख रुपये का नकद लेनदेन करता है तो पकड़े जाने पर इतना ही जुर्माना लगेगा।

मई 2014 में मोदी सरकार के आने के तुरंत बाद काले धन पर स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई थी, जिसने 3 लाख रुपये से अधिक के कैश लेनदेन पर पाबंदी लगाने का सुझाव दिया था। इसी के मुताबिक इस साल के बजट में इसका प्रस्ताव किया गया था, लेकिन अब इसे घटाकर 2 लाख रुपये किया जा रहा है।

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