पकिस्तान पर भारत सरकार की बड़ी
पकिस्तान पर भारत सरकार की बड़ी

पकिस्तान पर भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी

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नुक्कड़ टाइम्स। सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ ही घंटे बाद जम्मू-कश्मीर में गलती से एलओसी क्रॉस करने वाले भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को पाकिस्तान से रिहा करवाने में भारत सरकार ने  बड़ी सफलता प्राप्त की। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दोपहर 2.30 बजे चंदू को वाघा बॉर्डर पर इंडियन एजेंसी को सौंप दिया गया जिसके बाद  डॉक्टर्स की टीम ने जवान का मेडिकल चेकअप किया। चंदू के भाई भूषण ने कहा, ”मैं भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं। रक्षा राज्यमंत्री और सभी अफसरों का आभारी हूं, जिनकी कोशिशों से मेरा भाई वापस घर लौट पाया।”

29 सितंबर को PoK में सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ ही घंटे बाद चंदू गलती से पाक सीमा में चले गए थे। पाक रेंंजर्स ने उसे मानकोट के पश्चिम में झंडरूट में कब्जे में लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 37 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान की घर वापसी के लिए भारत ने डीजीएमओ लेवल पर पड़ोसी देश से 20 ज्यादा बार बातचीत की थी।




बताया  जाता है कि इसके बाद चंदू को नियाकल के पाकिस्तानी आर्मी हेडक्वार्टर में रखा गया। तब इंडियन आर्मी ने कहा था कि चंदू सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा नहीं था। वह गलती से सीमा पार कर गया था।
महाराष्ट्र के धुले जिले का रहने वाला चंदू अपने  भाई-बहन के साथ अपनी नानी के घर पर रहता है। चंदू के भाई भूषण चव्हाण 9th मराठा लाइट इन्फैंट्री गुजरात में पोस्टेड है।
आपको याद होगा कि 18 सितंबर को उड़ी में सीमा पार से आए 4 आतंकियों ने आर्मी हेडक्वार्टर पर हमला किया था। जिसमें 19 जवान शहीद हुए थे। उस हमले के 10 दिन बाद (28 सितंबर की रात) आर्मी के स्पेशल फोर्स के 125 कमांडो ने सर्जीकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए  4 इलाकों में आतंकियों के 7 कैंप तबाह कर दिए थे। इस दौरान 38 आतंकी मारे गए।
Image Courtesy: Hindustan Times
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