फिर विवादों में सेंसर बोर्ड
फिर विवादों में सेंसर बोर्ड

फिर विवादों में सेंसर बोर्ड

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‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का‘ को सर्टिफिकेट ना देने के कारण सेंसर बोर्ड के चेयरपर्सन पहलाज निहलानी फिर से बॉलीवुड के निशाने पर हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाली चार अलग अलग उम्र की महिलाओं की कहानी पर बनी फिल्म विदेश में रिलीज हो चुकी है और अवॉर्ड भी पा चुकी है लेकिन भारत में सेंसर बोर्ड इसे रिलीज की इजाजत नहीं दे रहा है।

कोंकणा सेन शर्मा, प्लबिता, अहाना और रत्ना पाठक शाह अभिनीत इस फिल्म में कोंकणा ऐसे किरदार में हैं जो तीन बच्चों की मां हैं लेकिन जिंदगी से खुश नहीं हैं। प्लबिता कॉलेज छात्रा बनी हैं जो पिछड़े माहौल में पली बढ़ी है लेकिन उसका सपना पॉप सिंगर बनने का है। अहाना ब्यूटीशियन के किरदार में हैं जो अपने प्रेमी के साथ शहर से भागने की फिराक में है और रत्ना पाठक शाह ऐसी विधवा महिला के किरदार में हैं जिसकी उम्र ढल चुकी है लेकिन वो अपनी जिंदगी अपने हिसाब से खुल कर जीना चाहती है।




चारों महिला एक दूसरे से अलग दोहरी ज़िन्दगी जी रही हैं, एक जिंदगी वो जो दुनिया से छिपी हुई है यानि बुर्के के भीतर है। और दूसरी वो जो दुनिया के सामने है।

सेंसर बोर्ड को एतराज है कि फिल्म लिपस्टिक अंडर माय बुर्का की कहानी में हकीकत कम औऱ कल्पनाएं ज्यादा हैं, फिल्म में दिखाए गए यौन दृश्य समाज के हिसाब से ठीक नहीं हैं और फिल्म में समाज के कुछ ऐसे हिस्से को भी छुआ गया है जो काफी संवेदनशील हैं।

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