मालेगांव ब्लास्ट: ले.कर्नल पुरोहित को
मालेगांव ब्लास्ट: ले.कर्नल पुरोहित को

मालेगांव ब्लास्ट: ले.कर्नल पुरोहित को 9 साल बाद जमानत

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मालेगांव धमाके के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित (सेवानिवृत्त) को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने पुरोहित को इस हिदायत के साथ सशर्त जमानत दी कि वह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कर्नल पुरोहित अभी नवी मुंबई के तलोजा जेल में बंद है।

बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आरके अग्रवाल और एएम सप्रे की बेंच ने कहा कि वे बॉम्बे हाईकोर्ट के उस ऑर्डर को खारिज करते हैं, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल को जमानत देने से इनकार किया गया था। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि वह लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को जमानत देने के लिए उन पर कुछ शर्तें लगा रहा है।

इससे पहले इसी साल 25 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कर्नल पुरोहित की जमानत याचिक रद्द कर दी थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी दी गई थी। वहीं ब्लास्ट की दूसरी आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।  इस मामले की जांच पहले एटीएस के पास थी, जिसके बाद जांच NIA को सौंपी गई. एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट दी थी, जबकि कर्नल पुरोहित की बेल का विरोध किया था। एनआईए का मानना है कि जो आरोप पुरोहित के खिलाफ हैं वो गंभीर प्रकृति के हैं। एनआईए का मानना है कि कर्नल पुरोहित को बेल मिलने का ये सही समय नहीं है।

29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में बम धमाका हुआ था। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, करीब 100 लोग जख्मी हुए थे। ब्लास्ट उस वक्त किए गए थे, जब लोग रमजान के दौरान नमाज पढ़ने जा रहे थे। इन ब्लास्ट के पीछे हिंदू राइट विंग ग्रुप्स से जुड़े लोगों का हाथ होने की बात सामने आई थी।

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