मुलायम को बेदखल कर अखिलेश बने सपा
मुलायम को बेदखल कर अखिलेश बने सपा

मुलायम को बेदखल कर अखिलेश बने सपा अध्‍यक्ष

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स ब्‍यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी में बीते कुछ समय से जारी घमासान नए साल में नए मुकाम पर पहुंच गया। यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को मुलायम सिहं यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद से बेदखल करते हुए खुद उस पर आसीन हो गए। अखिलेश ने चाचा शिवपाल सिंह यादव को भी प्रदेश अध्‍यक्ष पद से हटा दिया। इसके अलावा मुलायम और शिवपाल के करीबी अमर सिंह को भी पार्टी से बाहर कर दिया।

लखनऊ के जनेश्‍वर मिश्र पार्क में सपा महासचिव और मुलायम के भाई रामगोपाल यादव ने अधिवेशन बुलाया था, जिसमें तीन प्रस्‍ताव पारित किए गए। रामगोपाल मुस्‍कुराते हुए प्रस्‍तावों की घोषणा की। सबसे पहले अखिलेश को पार्टी अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया। इसके बाद मुलायम को पार्टी का संरक्षक घोषित किया गया। तीसरे प्रस्‍ताव के तहत शिवपाल को प्रदेश अध्‍यक्ष पद हटाया गया अौर अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाया गया। तख्‍ता पलट के बाद अखिलेश समर्थकों ने पार्टी मुख्‍यालय पर भी कब्‍जा कर लिया। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा पेश करेंगे।

अखिलेश को राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी, संसदीय बोर्ड और सभी संगठनों का जरूरत के मुताबिक गठन करने का अधिकार है। प्रस्‍ताव की सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी।

– रामगोपाल यादव, सपा महासचिव

हम मरते दम तक नेताजी के साथ रहेंगे। पार्टी में चुनाव चिह्न की कोई लड़ाई नहीं है। हमारा चिह्न साइकिल है। लेकिन इस पर हम कोर्ट में नहीं जाएंगे।
– शिवपाल यादव

चेतावनी के बावजूद हुआ अधिवेशन

मुलायम ने कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में रविवार के राष्‍ट्रीय अधिवेशन को अवैध करार दिया है। साथ ही कहा कि पार्टी अध्‍यक्ष की हैसियत से वह 5 जनवरी को फिर अधिवेशन बुलाया है। मुलायम ने इससे पहले सुबह में भी एक पत्र जारी किया था। इसमें कहा गया कि रामगोपाल को इस तरह की बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है। साथ ही, उन्‍होंने चेतावनी दी थ्‍ाी कि इस बैठक में जो भी हिस्‍सा लेगा, उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

मुलायम ने रामगोपाल को पार्टी से निकाला

बहरहाल, मुलायम ने एक बार फिर से रामगोपाल को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। तीन दिन में यह दूसरा मौका है जब मुलायम ने रामगोपाल को पार्टी से बाहर निकाला है। उन्‍हें शुक्रवार को भी पार्टी से बाहर किया गया था। लेकिन शनिवार को सुलह के बाद आदेश वापस ले लिया गया था। बता दें कि मुलायम ने अधिवेशन को असंवैधानिक बताते हुए पत्र जारी किया था। इसके बावजूद अधिवेशन बुलाया गया। इसके लिए रामगोपाल को जिम्‍मेदार माना गया है।

नरेश उत्‍तम प्रदेश अध्‍यक्ष नियुक्‍त

अधिवेशन में विधानपरिषद सदस्य (एमएलसी) नरेश उत्तम पटेल को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। पटेल के पदभार ग्रहण करने के बाद शिवपाल की नेमप्‍लेट को भी हटा दिया गया। पार्टी प्रवक्‍ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि अखिलेश यादव राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष हैं और उनके फैसलों को किसी भी तरह चुनौती नहीं दी जा सकती। पार्टी से रामगोपाल को निकालने के फैसले पर उन्‍होंने कहा कि ऐसा कोई फैसला मान्‍य नहीं होगा।

दो लोगों ने की साजिश

अधिवेशन में समर्थकों को संबोधित करते हुए रामगोपाल ने कहा कि पूरा देश अखिलेश यादव की तारीफ कर रहा है। फिर भ्‍ाी इनकी कोई बात नहीं मानी गई। इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने की अपील की। पार्टी का आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन इसी वजह से बुलाया गया। रामगोपाल ने कहा कि दो लोगों ने पार्टी खत्म करने की साजिश की।

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