समाजवादी पार्टी में 'खटपट की सूची'
समाजवादी पार्टी में 'खटपट की सूची'

समाजवादी पार्टी में ‘खटपट की सूची’ तैयार

0

नुक्‍कड़ टाइम्‍स ब्‍यूरो,

लखनऊ/नई दिल्‍ली। समाजवादी पार्टी में बीते कुछ दिनों से चल रही शांति शायद जल्‍दी ही खत्‍म होने वाली है। इस बार पार्टी में टिकट बंटवारे पर चाचा-भतीजा में घमासान के आसार दिख रहे हैं। दरअसल मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को 403 उम्मीदवारों की सूची सौंप दी। इसमें उन लोगों के नाम नहीं हैं, जिनके खिलाफ अखिलेश नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। अखिलेश के इस कदम के बाद शिवपाल ने टि्वटर के जरिये पलटवार किया।

चाचा बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्‍त नहीं

प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने ट्वीट किया कि टिकट पहले से बांटे जा रहे हैं। पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी। टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। इस आधार पर अब तक 175 उम्‍मीदवारों को टिकट दिए जा चुके हैं। टिकट बंटवारे का अधिकार संसदीय बोर्ड को है। इस पर अंतिम फैसला नेताजी लेंगे। उन्‍होंने यह भी कहा कि मुख्‍यमंत्री का फैसला पार्टी के संविधान के अनुसार विधायक दल की बैठक में होगा।

नए विवाद की वजह

हुआ यूं कि सपा के प्रदेश अध्‍यक्ष शिवपाल ने रविवार को मथुरा और बलिया की कमेटी को भंग कर दिया। इसके बाद उन्‍होंने गायत्री प्रसाद प्रजापति को पार्टी का राष्‍ट्रीय सचिव बना दिया। इसके जवाब में अखिलेश ने शाम को अचानक उम्‍मीदवाराें की सूची पार्टी अध्‍यक्ष को सौंप दी। बताया जा रहा है कि अखिेलश ने अंदरूनी सर्वेक्षण के आधार पर जीतने वाले उम्‍मीदारों की सूची बनाई है। इसमें करीब 35 विधायकों के नाम नदारद हैं। मुख्‍यमंत्री का कहना है कि चुनाव उनके नाम और पांच साल के काम पर लड़ा जा रहा है तो टिकट बांटने का अधिकार भी उन्‍हें ही मिलना चाहिए।

पार्टी गहमागहमी

शनिवार से ही पार्टी में गहमागहमी थी। इस दौरान अमर सिंह और शिवपाल शाम को सपा मुखिया से भी मिले थे। लेकिन अखिलेश ने सूची सौंपकर फिर से अधिकार की जंग छेड़ दी है। अखिलेश लबे समय से विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे। इस सिलसिले में उन्‍होंने शुक्रवार और शनिवार को भी बैठक की थी। बताया जा रहा है कि गठबंधन की संभावनाएंं खारिज करने के बाद अखिलेश ने यह कदम उठाया है।

Share.

Leave A Reply

Powered by virtualconcept.in