नोटबंदी: मोदी विरोधियों पर नहीं चला
नोटबंदी: मोदी विरोधियों पर नहीं चला

नोटबंदी: मोदी विरोधियों पर नहीं चला सोनिया का जादू

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स ब्‍यूरो, नई दिल्‍ली। नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी की कोशिशें परवान चढ़ती नहीं दिख रही हैं। दरअसल कांग्रेस ने नोटबंदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित ‘निजी भ्रष्‍टाचार’ को लेकर मंगलवार को सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। लेकिन एनसीपी और जदयू के इसमें शामिल होने की संभावना कम है, जबकि वाम दलों ने बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की है।

कांग्रेस के लिए यह झटका इसलिए भी है, क्‍योंकि बिहार में वह जदयू की अगुआई वाली नीतीश कुमार सरकार में हिस्‍सेदार है। इस बैठक में 16 दलों को शामिल होना था जिसमें से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अभी कुछ नहीं कहा है, जबकि एनसीपी के तारिक अनवर को पटना में अपनी मां के निधन के कारण दिल्‍ली यात्रा रद्द करनी पड़ी।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक से दूर रहने की विभिन्‍न दलों की योजनाओं को ज्‍यादा तवज्‍जो नहीं दी और कहा कि विपक्ष की बैठक के बाद संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस किया जाएगा। उन्‍होंने एक मंच पर कुछ स्‍थानीय और क्षेत्रीय दलों के एक साथ नहीं आने पर उनकी मजबूरियाें का भी हवाला दिया। उन्‍होंने कहा, जिन्‍हें आना है वो कल आएंगे। जो कल नहीं आएंगे वे अगली बार आएंगे। जो आएंगे उन्‍हें आप कल देखेंगे।

 मनाने की कोशिश भी विफल

हालांकि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी दिल्‍ली आएंगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान की ओर से बैठक में शामिल होने से इनकार करने वाली पार्टियों के नेताओं को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। माना जा रहा है कि इन दलों के नेता संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन किसानों के मसले पर कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात को लेकर नाराज हैं।

माकपा की दो टूक
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को कोलकाता में कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस द्वारा आयोजित विपक्षी दलों के साझा प्रेस कांफ्रेंस शामिल नहीं होगी। उन्‍होंने कहा, अधिकतर दलों के साथ न तो सलाह मशविरा किया गया और न ही बैठक के एजेंडा के बारे में सूचित किया गया। जिस तरह से बैठक बुलाई गई, उससे कई दलों को आपत्ति है। उधर, जदयू इस बात से नाराज है कि नोटबंदी के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को गद्दार कह दिया था। जदयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठक का संयुक्त एजेंडा होना चाहिए। मगर इस बैठक के एजेंडा के बारे में पार्टी को नहीं मालूम। ऐसे में जदयू बैठक में हिस्सा नहीं लेगी।
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