दिल्‍ली में 3 फरवरी से धरना देंगे जाट
दिल्‍ली में 3 फरवरी से धरना देंगे जाट

दिल्‍ली में 3 फरवरी से धरना देंगे जाट आंदोलनकारी

0
नुक्‍कड़ टाइम्‍स, चंडीगढ़। हरियाणा में आरक्षण और अन्‍य मांगों को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठे जाट अब 3 फरवरी से दिल्‍ली में धरना देने की तैयारी में हैं। राज्‍य के कई जिलों में आंदोलनकारी 29 जनवरी से धरने पर बैठे हुए हैं। इनकी तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि धरना अभी तक शांतिपूर्ण चल रहा है। लेकिन सरकार को सूचना मिली है कि आंदोलनकारी सड़क और रेलवे ट्रैक जाम कर सकते हैं। इसलिए सरकार सतर्कता बरत रही है और सभी जरूरी कदम उठा रही है।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक बुधवार को रोहतक पहुंचेंगे। आंदोनकारियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्‍य सरकार ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और पुलिस-प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही, केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की 20 और कंपनियां भेज दी हैं। राज्‍य में पहले से ही अर्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां तैनात हैं।
रोहतक के जसिया गांव में भी धरना चल रहा है।

रोहतक के जसिया गांव में भी धरना चल रहा है।

हिसार में मय्यड़ और रामायण गांव के पास रेलवे ट्रैक के पास सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हैं। कैथल, रोहतक, जींद और पानीपत में भी धरना जारी है। मय्यड़ में जाट नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने आंदोलनकारियों को डरा-धमका रही है। धरने में शामिल होने आ रहे लोगों के वाहनों के नंबर नोट कर उनके घरों पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसा कर प्रशासन जानबूझकर आंदालनकारियों को भड़काने का काम कर रहा है।
आंदोलनकारियों पर रासुका लगाने की तैयारी
आंदोलन के दौरान किसी भी उपद्रव की सूरत में राज्‍य सरकार अांदोलनकारियों पर रासुका लगा सकती है। सरकार ने जिला उपायुक्तों को रासुका के तहत कार्रवाई के अधिकार दे दिए हैं। जिला उपायुक्‍त अपने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए वैसे नेताओं को नजरबंद कर सकते हैं जिनसे शांति भंग होने का खतरा है। साथ ही, धारा-144 भी लागू कर सकते हैं।
ये है जाटों की मांगें
1. केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों में जाटों को आरक्षण दिया जाए।
2. फरवरी 2016 के आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों को मुआवजा मिले। मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी दी जाए।
3. जाटों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं।
4. दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
5. सांसद राजकुमार सैनी के बयानों की जांच कर संसद की सदस्‍यता खत्‍म की जाए।
6. आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए जाटों को रिहा किया जाए।
Share.

Leave A Reply

Powered by virtualconcept.in