किसानों के मेले में कंपनियों की
किसानों के मेले में कंपनियों की

किसानों के मेले में कंपनियों की बल्‍ले-बल्‍ले

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pranav2नुक्‍कड़ टाइम्‍स ब्‍यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में सीआईआई एग्रोटेक फेयर किसके लिए था? इसका आयोजन वैसे तो किसानों के नाम पर किया गया था, लेकिन इसमें किसानों के लिए खास कुछ नहीं था। इस मेले में किसानों से जुड़े मुद्दे तो कोसों दूर थे। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में किसानों को होने वाली मुश्किलों पर कोई चर्चा नहीं हुई। अलबत्‍ता यह कोशिश जरूर थी कि किसानों को मिलने वाली सब्सिडी बड़ी कंपनियों तक कैसे पहुंचाई जाए। मेले का आयोजन हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के किसानों को ध्‍यान में रखकर किया गया था।
हालांकि आयोजकों का कहना है कि मेला किसानों की उम्मीद पर पूरी तरह से खरा उतरा है। उन्हेांने कहा कि किसानों को इसमें नई तकनीक बताई गई जिससे उनकी खेती के तौर-तरीके में बदलाव आएगा।
किसानों के लिए कुछ नहीं
मेले में किसानों से जुड़े़ मुद्दों पर चर्चा नहीं होना इसलिए चिंताजनक है, क्‍योंकि हरियाणा और पंजाब में किसानों की खेती योग्य जमीन तेजी से घट रही है। 60 फीसदी किसानों के पास तो पांच एकड़ से भी कम जमीन है। पंजाब के गुरदासपुर जिले के किसान सुखपाल सिंह ने बताया कि वह आया तो इस उम्मीद में था कि कुछ नया सीखने का मौका मिलेगा। लेकिन मेले में उसके लिए कुछ नहीं था। लगा जैसे यह मेला कंपनियों को मंच उपलब्ध करा रहा है
अंग्रेजी में जानकारी पल्‍ले नहीं पड़ी
किसानों ने बताया कि अलग-अलग कंपनियां जो जानकारी दे रही हैं वह अंग्रेजी में जो समझ में नहीं आ रही हैं। मेले में नई तकनीक खास तौर पर ऐसी तकनीक जेा किसानों के लिए बहुत उपयोगी हो इस पर ध्‍यान ही नहीं दिया गया। पंजाब और हरियाणा के किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पंजाब में किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं।
 ऐसी स्थिति में मेले का यह स्‍वरूप तो कतई सही नहीं माना जा सकता है।
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