मुशर्रफ बोले- पाक से भागने में राहील
मुशर्रफ बोले- पाक से भागने में राहील

मुशर्रफ बोले- पाक से भागने में राहील ने मदद की

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नुक्‍कड़ टाइम्‍स, इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के एक सनसनीखेज खुलासे से सरकार और न्‍यायपालिका सकते में है। उनका दावा है कि पाकिस्‍तान से छोड़ने में पूर्व सेनाध्‍यक्ष जनरल राहील शरीफ ने उनकी मदद की। बकौल मुशर्रफ, राहील ने सरकार के जरिये कोर्ट पर दबाव बनाने में मदद की।

एक टॉक शो में Dunya News से सोमवार रात को मुशर्रफ ने कहा, हां, उन्होंने (राहिल शरीफ) ने मेरी मदद की। मैं पूर्णतया स्‍पष्‍ट हूं और शुक्रगुजार हूं। मैं उनका बाॅस रह चुका हूं और उनसे पहले आर्मी चीफ भी रह चुका हूं। … उन्होंने देश से बाहर निकलने में मेरी मदद की, क्‍योंकि यहां मामलों का राजनीतिकरण हाे जाता है। उन्‍होंने मुझे ECL (Exit Control List) में डाला और इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। बता दें कि ECL में किसी व्‍यक्ति का नाम आने के बाद वह पाकिस्‍तान छोड़कर कहीं नहीं जा सकता।

कोर्ट पर दबाव बनाया

यह पूछने पर कि किस तरह हाल ही में सेवानिवृत्‍त होने वाले सेना प्रमुख ने उनकी मदद की, मुशर्रफ ने कहा, कोर्ट को प्रभाव में लेकर। उन्‍होंने विस्‍तार से बताया कि परदे के पीछे ये अदालतें दबाव में काम करती हैं और तब जाकर फैसले सुनाती हैं। सेना प्रमुख की भूमिका परदे के पीछे दबाव को कम करने की थी, जो कोर्ट ने उन पर बनाया था। हालांकि उन्‍होंने कहा कि राहील ने इसके लिए जजों को प्रभाव में नहीं लिया, बल्कि सरकार के जरिये दबाव से राहत दिलाई। जो दबाव सरकार कोर्ट पर बना रही थी, उसे हटा लिया गया। जैसे ही (जनरल शरीफ) ने सरकार को उसके द्वारा बनाए जा रहे दबाव को हल्‍का करने के लिए कहा, कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया और मुझे इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत मिल गई।

पूर्व राष्‍ट्रपति को अफसोस भी

मुशर्रफ ने कहा, पाकिस्‍तान की अदालतें दबाव में काम करती हैं। यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि किसी को ऐसा कहना पड़ रहा है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए… हमारी न्‍यायपालिका को न्‍याय की ओर रुख करना चाहिए। बता दें कि पाकिस्‍तान सरकार ने मुशर्रफ का नाम exit control list (ECL) में डाल कर उनकी विदेश यात्रा पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आंतरिक मंत्रालय ने इस साल मार्च में ECL से उनका नाम हटाने के लिए अधिसूचना जारी की। इसके कुछ घंटे बाद ही मुशर्रफ दुबई चले गए थे।

ये हैं आरोप

परवेज मुशर्रफ पर बेनजीर भुट्टो, नवाब अकबर बुग्‍ती और गाजी अब्‍दुल राशिद की हत्‍या के अलावा नवंबर 2007 में आपातकाल लगाने, राजद्रोह तथा जजों को गिरफ्तार करने और उनकी शक्तियों को सीमित करने के आरोप भी हैं। 20 माह से अधिक समय तक उनका नाम ECL में रखा गया। अधिसूचना जारी करने के बाद आंतरिक मंत्री निसार अली खान ने मार्च में कहा थ्‍ाा कि मुशर्रफ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का सामना करने के लिए चार से छह हफ्ते में देश लौटने का वादा किया है।

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