ओबामा के फैसलों को पलटने लगे ट्रम्‍प
ओबामा के फैसलों को पलटने लगे ट्रम्‍प

ओबामा के फैसलों को पलटने लगे ट्रम्‍प

0

नुक्‍कड़ टाइम्‍स। अमेरिकी राष्‍ट्रपति के तौर पर पदभार संभालते ही डोनाल्‍ड ट्रम्‍प ने पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के फैसलों को रद्दी की टोकरी में डालना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में उन्‍होंने Trans-Pacific Partner (TPP) समझौते को खत्‍म कर दिया, जो प्रशांत के 11 तटीय देशों के साथ एक प्रमुख व्‍यापार समझौता था।

साथ ही, गर्भपात कराने वाले अंतरराष्‍ट्रीय समूहों (NGOs) को संघीय वित्त पोषण मुहैया कराने पर पाबंदी लगा दी। मतलब अब गैर सरकारी संगठनों को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। इसके अलावा ट्रम्‍प ने गैर सैन्‍य संघीय श्रमिकों की भर्ती को भी फ्रीज कर दिया है।

ट्रम्‍प के इस कदम से 17 साल पुराने नाफ्टा (North American Free Trade Agreement) के भविष्‍य को लेकर अटकलें भी शुरू हो गई हैं। Trans-Pacific Partnership (TPP) में शामिल नहीं होने का ट्रम्‍प का फैसला थोड़ा चौंकाने वाला है। ट्रम्‍प ने इसे अमेरिकी कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम करार दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्‍होंने अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार समझौते की निंदा की थी। उनका कहना था कि इस समझौते से रोजगार के मौके घट रहे हैं और औद्योगिक इलाकों में आक्रोश पनप रहा है। ट्रम्‍प की प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन ने भी इस समझौते का विरोध किया था। हालांकि ओबामा का कहना था कि यह समझौता प्रशांत क्षेत्र में चीन का तोड़ निकालने में प्रभावी होगा।

बता दें कि रिपब्लिकन पार्टी की नियंत्रण वाली कांग्रेस ने Trans-Pacific Partnership का कभी समर्थन नहीं किया। लेकिन एशियाई देशों के कई नेताओं ने इसमें पर्याप्‍त राजनीतिक पूजी निवेश किया था। विश्‍व बैंक के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था में इन देशों की की हिस्‍सेदारी करीब 13.5 फीसदी है।

Share.

Leave A Reply

Powered by virtualconcept.in